घर से काम करना आज के समय  में बहुत आम हो गया है| खास करके कोरोना वायरस इफेक्ट के कारण घर से काम करना एक मजबूरी भी बन गई है, पर आज के युग में बहुत सारी कंपनियां अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) के लिए उत्साहित कर रही हैं या फिर ये कहें कि एक विकल्प  देती है| 

क्या कोविड-19 के बाद वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ेगा? #Covid19

Corona virus के इस  दौर में जहां अपने को भी और औरों को भी सुरक्षित रखना है, क्यों की हम जानते है की अभी तक इसका कोई सटीक इलाज नहीं मिल पाया है, तो एसे समय में बचाओ ही सबसे अच्छा उपाय है | एसे में  वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) एक अच्छा विकल्प है| 

Work remotely (वर्क फ्रॉम होम) आपको काम करने से रोकता नहीं, बल्कि बहुत सारी responsibilities के साथ आपको काम करना होता है| आप खुद को अपने काम को कैसे मैनेज (manage) करते हैं, इसकी आवश्यकता है| इसके लिए आपको, अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार सारणी शेड्यूल (schedule) बनाना होगा | 

क्यों की कभी-कभी आप अपने परिवारिक कामों में इतना उलझ जाते हैं,  कि समय चुटकियों में निकल जाता है और आपको पता भी नहीं चलता | ऐसे परिस्थिति में आपके लिए वर्क फ्रॉम होम (Work from Home)कठिनाइयों का भी सबक हो जाता है पर वर्क फ्रॉम होम के बहुत सारे फायदे और नुकसान दोनों ही हैं आप उसको किस तरह देखते है यह आपके ऊपर निर्भर करता है|

वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) के फायदे और नुकसान

इसके लिए हम SPLAN और Oplus Cowork – Coworking के फाउंडर प्रीतेश आनंद से बात की, उन्होंने बताया की, 

कुछ फायदे है जो जैसे 

  • इसमें आपको अपने आराम के हिसाब से काम करने की छूट मिलती है
  • जब आप वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) करते हैं तो यह जरूरी नहीं होता है कि आप अपने मन के अनुसार जब मन करे तब काम करिए, बल्कि आपको आपने काम के लिए एक समय तय करना होगा|
  • आप अपने परिवार के साथ रहते हुए काम कर सकते हैं साथ ही साथ आप अपने रोज के  कार्यों को भी कर सकते हैं जैसे तैराक, वयाम इत्यादि
  • अपने फ्रेंड्स एंड फैमिली के साथ समय भी व्यतीत कर सकते हैं 
  • अगर आपको कोई अति महत्वपूर्ण  कार्य हो जैसे कि डॉक्टर के पास जाना या डॉक्टर से सलाह लेना, इस कार्य के लिए भी समय निकाल सकते है  

वर्क फ्रॉम वर्क के कुछ नुकसान भी है|

  • अपने अंदर स्वयं की स्व प्रेरणा, स्वयं अनुशासन(Self Motivation, Self Discipline), peer coworker के साथ अपनी गतिविधियों में तालमेल बैठाना थोडा मुश्किल हो जाता है | 
  • वर्क फ्रॉम होम में, आप अपने कार्य के लिए खुद ही जिम्मेदार होते है |
  • अपने कार्यों का बहुत ही responsibilities के साथ पालन करना होता है इसे एक नियमानुसार करें ताकि आपका कार्य समय रहते खत्म हो जाए|

जब आप वर्क फ्रॉम होम करे तो कुछ बातो का बहुत ध्यान दे 

आपको अपने परिवार को यह समझाना होगा और उनको यह समझना होगा कि आप अपना ऑफिस वर्क कर रहे हैं लेकिन घर से ही, यह आपकी छुट्टियों का दिन नहीं है|

बॉस की उम्मीद (Expectation) का ख्याल रखे 

इस समय में आपके बॉस की उम्मीद (Expectation)आपसे और भी ज्यादा होती है, तो आपको अपने परिवार के लिए एक रेखा या एक दायरा तय करना होगा जो कि बहुत जरूरी है, आप अपने  शेड्यूल (schedule) के दो तरीके बना सकते हैं जैसे लंबी अवधि और छोटी अवधि (Long term and short duration) और जब जबकि आप का बनाया हुआ कार्य संपन्न हो उसको एक लकीर से काट दें जिससे आपको यह पता चलेगा कि आपका कितना कार्य हो गया और कितना कार्य बच गया जैसा कि आप ऑफिस में स्थिति स्टिकी नोट (sticky notes) बनाकर करते हैं इसके आपके आत्मबल (Self confidence) मिलेगा और खुशी भी होगी और आप उत्साहित रहेंगे और कार्य करने के लिए प्रेरित सेल्फ मोटिवेटेड (Self Motivated) रहेंगे|

घर में काम करते वक्त कुछ बातो का ध्यान देना होता है | 

जब आप घर से कम करते है तो अपने आप को घर में ही बंद ना करें, या isolate ना करे, बल्कि  अपने दोस्तों और परिवार (Friends and family) के बीच – बीच में मिलते रहें, 

इस दौर में को- वर्किंग (CoWorking) का भी बड़ा प्रचलन है आपके ही सोच विचार के लोग आपके बीच रहकर कार्य करते हैं,  जब आपको किसी से मिलना होतो, आप अपने आसपास के को -वर्किंग में जाकर मीटिंग कर सकते हैं जिससे आपका काम का आउटपुट और नए-नए लोगों से मिलने और नया कुछ सीखने को मिल सकता है |

Work from home trand

आपके कार्य करने का स्थान 

  • यह जरूरी नहीं है कि आपका कार्य करना का स्थान बहुत हाई फाई हो, मगर हां इसका ख्याल जरूर रखें कि आप जहां भी कार्य कर रहे हो वह साफ सुथरा और व्यवस्थित जगह हो, एकदम क्नीट एंड क्लीन (neat & clean)  हो |
  • जहां आप बिना किसी बाधा का कार्य कर सकते हैं, आप जब भी अपना कोई कार्य खत्म कर ले तो आप अपनी  सराहना खुद करे | 
  • आप अपने दिन की शुरुआत हमेशा वैसे ही  करें जैसे आप अपने ऑफिस (Office) जाते समय करते थे|
  • कोई भी शेड्यूल (schedule)  बनाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि, जिससे एक निश्चित अन्तराल के बाद refreshment का समय हो, कोई एसा शेड्यूल (schedule) न बनाले जिसमे कोई ब्रेक ही ना हो एसा होने से यह उस कार्य को करना कठिन बना देगा|

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